A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरे

मस्तूरी के जांच अधिकारी बीक गए दो लाख तीस हजार रुपए में इस पर अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं देखते हैं

संतनु कुमार कुर्रे  की IMG 20260511 WA0066 1 IMG 20260515 WA0028 1 IMG 20260515 WA0027 1रिपोर्ट

भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: जांच दबाने के लिए अधिकारियों को लाखों की घूस!

मस्तूरी/बिलासपुर: सहकारी समितियों में चल रहे भ्रष्टाचार और हेराफेरी के मामलों को दबाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।

सूत्रों से प्राप्त दस्तावेजों और शिकायती पत्र के अनुसार, मस्तूरी सेवा सहकारी समिति मस्तूरी के तत्कालीन प्रभारी संस्था प्रबंधक मनोज रात्रे पर अपने वित्तीय गबन और गड़बड़ियों को छुपाने के लिए जांच अधिकारियों को लाखों रुपए की रिश्वत देने का गंभीर आरोप लगा है।

### दो किस्तों में दी गई 2.30 लाख की रिश्वत!

मिली जानकारी के अनुसार, मनीराम कुर्रे द्वारा 21 अप्रैल 2026 को जिला कलेक्टर बिलासपुर के समक्ष एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। इस शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संस्था प्रबंधक मनोज रात्रे ने अपनी हेराफेरी के कृत्य को उजागर होने से बचाने के लिए जांच अधिकारियों से सांठगांठ की।

मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जांच अधिकारी सी.एम. अजगले और शंकर आयाम को दो किस्तों में कुल 2 लाख 30 हजार रुपए की राशि पहुंचाई गई:

पहली किस्त: ₹80,000 (अस्सी हजार रुपए)

दूसरी किस्त: ₹1,50,000 (एक लाख पचास हजार रुपए)

### भ्रष्ट अधिकारियों ने बनाई गलत जांच रिपोर्ट

शिकायतकर्ता का सीधा आरोप है कि इन अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर मामले को पूरी तरह दबाने का प्रयास किया और वास्तविक गबन पर पर्दा डालते हुए एक झूठी और गलत जांच रिपोर्ट तैयार की। इस सांठगांठ के कारण समिति में हुए वित्तीय नुकसान की सही तरीके से जांच नहीं हो सकी और दोषियों को बचाने का खेल खेला गया।

### एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग

कलेक्टर को सौंपे गए इस शिकायती पत्र में मांग की गई है कि कंप्यूटर ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े, लिपिक कृष्ण कुमार करियारे और तत्कालीन प्रभारी संस्था संस्था प्रबंधक मनोज रात्रे समेत इन भ्रष्ट जांच अधिकारियों के खिलाफ तत्काल एफ.आई.आर. (FIR) दर्ज की जाए। इस

 

पूर्व में गमन के आरोप जेल भी जा चुके है अपराधियों फिर मौका शासन

को चुना लगाने की फिर तैयारी

 

जब इसकी जानकारी के लिए सी एन

जांच अधिकारी को काल किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया

Back to top button
error: Content is protected !!